भारत में मेडिकल स्टोर्स पर नहीं मिल रही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, मरीज परेशान

कोरोनावायरस के इलाज के लिए दो दवाओं की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इनका नाम हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और एजिथ्रोमाइसिन है। यही वजह है कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देश भारत से इसकी मांग कर रहे हैं। दावा था कि भारत में यह दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।



भारत में भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन-एजिथ्रोमाइसिन के जरिए कोरोनावायरस का इलाज हो रहा है। आईसीएमआर ने 11 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और 25 लाख एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट कोरोना के इलाज में जुटे डॉक्टर्स और स्वास्थ्य कर्मियों को मुहैया कराई है। आईसीएमआर ने स्पष्ट किया है कि यह दवा फिलहाल उन्हीं मरीजों को दी जा रही है, जो आईसीयू में हैं या वेंटिलेटर पर हैं। 


सरकारी दावे के मुताबिक भारत में यह दवा अच्छी मात्रा में उपलब्ध है क्योकि इस दवा का प्रयोग कई अन्य बीमारियों के ईलाज़ में भी किया जाता है तथा लॉक डाउन के इस समय में जब OPD और अन्य सुविधाएं लगभग बंद है और डॉक्टर काम संख्या में उपलब्ध है, ऐसे में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन-एजिथ्रोमाइसिन की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। गौरतलब है की पिछले हफ्ते अमरीका के प्रेजिडेंट ट्रम्प ने भारत को इस दवा की सप्लाई के लिए धमकी दी थी और धमकी से डरे मोदी ने इस दवा पर लगे निर्यात पार्टीबंद को न केवल हटा लिया बलिक बड़ी संख्या में अमरीका को भेज भी दी परिणाम स्वरुप आज आपने देश में इस दवा की कमी सामने आ रही है।


नोएडा दर्पण के संवाददाता ने दिल्ली एनसीआर के कई  मेडिकल स्टोर्स पर जाकर इस दवा की उपलब्धता की जानकारी ली तो पता चला की स्टॉक में कई दिनों से यह दवा  नहीं है। कारन पूछने पर उन्होंने बताया कि इस दवा का उपयोग रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी 'ऑटो इम्यून' बीमारी के इलाज में भी किया जाता है, जिसके कारण इस्सकी मांग है तथा संख्या में निर्यात के कारण, भारतीय बाजार में उपलब्ध नहीं हो पा रही। और इस दवा की भारी कमी सामने आ रही है ।


हालांकि  भारत मलेरिया के इलाज में उपयोग होने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्‍वीन दवा का सबसे बड़ा उत्‍पादक है. इस दवा को अब कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में पासा पलटने वाला माना जा रहा है. इससे पहले कोरोना वायरस महामारी के बीच इस दवा समेत दो दर्जन से अधिक रसायनों के निर्यात पर पाबंदी लगाई गई थी. निर्यात पर पाबंदी हटाने से पहले अधिकारियों ने इस बात का आकलन किया कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए देश को इस दवा की कितनी जरूरत है.


कौन सी कंपनियां करती हैं उत्‍पादन? इपका लैबोरेटरीज, जाइडस कैडिला और वालेस फार्मास्यूटिकल्स शीर्ष दवा कंपनियां हैं जो देश में एचसीक्यू का विनिर्माण करती हैं. जैन ने कहा कि भारत में मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता पर्याप्त है. अगर जरूरत पड़ती है तो कंपनियां उत्पादन बढ़ाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.